शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से , नगर आयुक्त ने बुधवार तड़के शहर के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से निगम महकमे में हड़कंप मच गया।
नगर आयुक्त ने से लेकर तक पैदल भ्रमण कर सड़कों की साफ-सफाई, कूड़ा उठान, हॉर्टिकल्चर तथा सीवर–पेयजल व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य मार्गों पर कूड़ा मिलने की स्थिति में संबंधित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी।
और मैदागिन जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि सुबह नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान डिवाइडरों पर चल रहे बागवानी कार्यों की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के सुंदरीकरण में डिवाइडरों की अहम भूमिका है, इसलिए पौधों की नियमित कटाई-छंटाई, सिंचाई और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। डिवाइडर पर मिट्टी या धूल जमा नहीं होनी चाहिए।
सीवर ओवरफ्लो और वाटर लीकेज के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत का 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से समाधान किया जाए। इससे न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि सड़कों की आयु भी बढ़ेगी।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, मुख्य अभियंता (सिविल) आर.के. सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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