चौकाघाट में अवैध मछली मंडी पर सख्ती, 8 विक्रेताओं पर FIR की सिफारिश

धार्मिक भावनाएं आहत होने और जन-स्वास्थ्य पर खतरे का हवाला

वाराणसी।
घनी आबादी और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध मांस-मछली बिक्री को लेकर नगर निगम वाराणसी ने कड़ा रुख अपनाया है। चौकाघाट क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध संचालित अवैध मछली मंडी के आठ विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए निगम ने चेतगंज थाना प्रभारी को तहरीर सौंपी है।

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष पाल की तहरीर के अनुसार, चौकाघाट (मकान संख्या S-11/78 के पास) अवैध रूप से चल रही मछली मंडी से क्षेत्र में गंभीर गंदगी व दुर्गंध फैल रही है। उल्लेखनीय है कि इस स्थान के 500 मीटर के दायरे में प्रसिद्ध मूंछ वाले हनुमान जी का मंदिर स्थित है, जिससे दर्शनार्थियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और जन-स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

निगम ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को पहले भी नोटिस, चालान और सीलिंग की कार्रवाई झेलनी पड़ी है। 22 जनवरी को नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर दुकानों को बंद कराया था, इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा अवैध कारोबार शुरू कर दिया।

इनके खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा
नगर निगम ने कमाल भाई, चमरू, मो. सेराज, मो. आजाद, सोनू, मकसूद आलम, जुल्फिकार और वसीम के खिलाफ FIR दर्ज कराने की सिफारिश की है। तहरीर में स्पष्ट किया गया है कि बिना लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के सार्वजनिक स्थानों पर मांस-मछली का कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निगम ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे अवैध कारोबारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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