घरौनी व भूमि आवंटन की माँग को लेकर नट समुदाय का तहसील पिंडरा में प्रदर्शन

SDM कार्यालय में अपमानजनक व्यवहार का आरोप, 7 दिन का अल्टीमेटम

पिंडरा (वाराणसी), 02 फरवरी।
घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन की माँग को लेकर नट समुदाय संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को ग्राम गजेन्द्रा मुसहर एवं नट बस्ती, जगदीशपुर मुसहर बस्ती तथा ओरांव मुसहर बस्ती के करीब 30 समुदायजन तहसील पिंडरा पहुँचे। प्रतिनिधिमंडल ने उप-जिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपते हुए वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की माँग की।

समुदाय के लोगों का आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के दौरान SDM महोदया एवं कार्यालय कर्मचारियों द्वारा उनके साथ अपमानजनक एवं असंवेदनशील व्यवहार किया गया। समुदाय का कहना है कि वे कई दशकों से अपने-अपने स्थानों पर निवास कर रहे हैं, इसके बावजूद आज तक उन्हें घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन नहीं दिया गया है।

दस्तावेजों के अभाव में समुदाय के लोग प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।

अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

समुदाय ने आरोप लगाया कि SDM महोदया ने उनसे कहा—
“तुम लोगों को नया-नया शौक चढ़ा है, तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा। तुम लोग झूठ बोलते हो। अभी प्रधान से पूछकर गाँव से ही निकलवा देंगे।”

महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार

ओरांव मुसहर बस्ती की महिला प्रतिनिधि रिंका देवी ने बताया कि जब महिलाएँ शांतिपूर्वक अपनी समस्याएँ रख रही थीं, उसी दौरान SDM कार्यालय के कर्मचारियों ने उन्हें “भागो-भागो” कहकर अपमानित किया, जिससे महिलाओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।

ये महिलाएँ रहीं उपस्थित

ज्ञापन सौंपने के दौरान रिंका देवी, शकुंतला देवी, गंगाजली देवी, सोनी देवी, गुड्डी देवी, अनिता देवी, बबीता देवी, इंदु देवी, प्रभावती देवी, चिंता देवी और बेला देवी सहित कुल 30 समुदायजन मौजूद रहे।
इनमें गजेन्द्रा बस्ती से 16, जगदीशपुर बस्ती से 8 एवं ओरांव बस्ती से 6 लोग शामिल थे।

संगठन की कड़ी प्रतिक्रिया

नट समुदाय संघर्ष समिति के संयोजक प्रेम नट ने कहा कि उनका संगठन हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी माँगें रखता है, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा बार-बार अपमानित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सदियों से वंचित समुदाय की समस्याओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।

समिति की प्रमुख माँगें

  1. SDM एवं संबंधित कर्मचारियों द्वारा व्यवहार में सुधार
  2. सभी पात्र परिवारों को तत्काल घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन
  3. पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई
  4. समुदाय को धमकी से सुरक्षा का आश्वासन
  5. सभी वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ

समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलाधिकारी कार्यालय वाराणसी में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा तथा राज्य अनुसूचित जाति आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

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