संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर सामाजिक समरसता और समानता का संदेश

पिंडरा। 1 फरवरी को यूथ रिसोर्स सेंटर (विमुक्त, घुमंतू, युवा संसाधन केंद्र), बेलवा नट बस्ती, पिंडरा तथा नट समुदाय संघर्ष समिति के कार्यालय परिसर में संत शिरोमणि की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुसहर, नट, दलित एवं ओबीसी समाज की महिलाओं और बच्चों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम की शुरुआत नट समुदाय संघर्ष समिति की कार्यकर्ता नंदिनी ने संत रविदास जी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए की। उन्होंने बताया कि संत रविदास जी का जन्म 1380 ई. में वाराणसी में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। उन्होंने पाखंड, आडंबर और सामाजिक कुरीतियों का विरोध कर समानता, मानवता और कर्म की प्रधानता का संदेश दिया।

इसके बाद समिति के कार्यकर्ता सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी उन प्रथम संतों में से थे जिन्होंने जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत के विरुद्ध मुखर होकर एक समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की।

इस अवसर पर नट समुदाय संघर्ष समिति एवं उड़ान ट्रस्ट इंडिया के अध्यक्ष एवं संयोजक प्रेम नट ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने महापुरुषों को स्मरण करना और उनके विचारों को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा—
“जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, वह नया इतिहास नहीं रच पाता।”

उन्होंने संत रविदास जी के साथ-साथ , छत्रपति शाहू जी महाराज, महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले एवं के विचारों पर चलकर संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम का समापन “नमो बुद्धाय, जय रविदास, जय कबीर, जय फुले, जय सावित्री, जय भीम, जय संविधान, जय DNT समाज” के नारों के साथ हुआ।
इस मौके पर संत रविदास जी के प्रसिद्ध दोहों— “मन चंगा तो कठौती में गंगा” और “जाति-पाति पूछे न कोई”—का पाठ भी किया गया, जो आज भी समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम में समिति के कार्यकर्ता सौरभ, राहुल, मीना देवी, नेहा, ज्योति, रिया, नंदिनी सहित नट, मुसहर, दलित एवं ओबीसी समाज की लगभग 25 महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

सगुनहा गांव में निकला भव्य जुलूस

इसी क्रम में पिंडरा के सगुनहा स्थित हरिजन बस्ती में भी संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती पर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया। “संत शिरोमणि गुरु रविदास अमर रहें” और “मानव-मानव एक समान” के नारों के साथ जुलूस सगुनहा गांव से चलकर सगुनहा मार्केट होते हुए नेशनल हाईवे स्थित संत रविदास मंदिर पर संपन्न हुआ।
जुलूस में हीरालाल, राजेश पाल, श्याम पाल, जयप्रकाश, राकेश मास्टर, उमेश चंद, श्याम सुंदर कुमार, लकी भारती, जय रतन, अनिल कुमार, सुनील कुमार, विशाल कुमार, विष्णु कुमार, राजेंद्र कुमार, सोनू, करन कुमार, धीरज, विकास सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष शामिल रहे।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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