वाराणसी। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ निर्णायक प्रहार करते हुए ने कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। थाना पुलिस द्वारा मुख्य अभियुक्त भोला जायसवाल एवं उसके परिजनों की अपराध से अर्जित कुल ₹30,52,26,944 की चल–अचल संपत्तियों को धारा 68(F) NDPS Act (SAFEMA) के तहत चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई की गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त रोहनिया और प्रभारी निरीक्षक रोहनिया के नेतृत्व में संपन्न हुई।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
थाना रोहनिया में पंजीकृत मु0अ0सं0 0343/2025 (धारा 8/21/25/29 NDPS Act एवं 111 BNS) की विवेचना में यह पुष्टि हुई कि मौके से बरामद फैंसाडील कफ सिरप को अभियुक्त भोला प्रसाद (शैली ट्रेडर्स का प्रोपराइटर) द्वारा अवैध रूप से बेचा गया था। इस संबंध में एबॉट कंपनी की रिपोर्ट/साक्ष्य भी विवेचना का हिस्सा हैं।
जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोडिन कफ सिरप की तस्करी कर रहा था, जिससे भारी अवैध आय अर्जित की गई।
चिन्हित चल संपत्ति (Debit Freeze)
- इंडियन बैंक खाता संख्या 7622620712 – ₹58,21,486
- इंडियन बैंक खाता संख्या 7610396827 – ₹1,38,336.99
- इंडियन बैंक खाता संख्या 8069294902 – ₹60,00,000
चिन्हित अचल संपत्ति
- जगदीशपुर (पिंडरा) की कृषि भूमि – ₹43.02 लाख
- जगदीशपुर (पिंडरा) की कृषि भूमि – ₹57.13 लाख
- जगदीशपुर (पिंडरा) की कृषि भूमि – ₹43.51 लाख
- भरलाई, शिवपुर की आवासीय भूमि – ₹71 लाख
- तुलसीपुर, भेलूपुर स्थित मकान – ₹23 करोड़
- मडौली, सदर की खुली भूमि – ₹1.15 करोड़
- जगतगंज, चेतगंज का आवासीय भवन – ₹1.98 करोड़
- हबीबपुरा, लल्लापुरा का आवासीय भवन – ₹1.05 करोड़
कानूनी कार्रवाई
- अभियुक्त की चल–अचल संपत्तियों पर SAFEMA के तहत नोटिस जिला कारागार सोनभद्र में तामील।
- परिजनों को नियमानुसार स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में नोटिस चस्पा।
- अन्य अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच जारी।
- साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से निर्गत वारंट–B भी तामील।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
- राजू सिंह – प्रभारी निरीक्षक, थाना रोहनिया
- घनश्याम निषाद – वरिष्ठ उप निरीक्षक
- भरत कुमार चौधरी – एसआईटी प्रभारी
- मुकेश पाल, दिनेश सिंह, विवेक, धर्मवीर भारती – एसआईटी टीम
निष्कर्ष
यह कार्रवाई ड्रग माफिया के लिए कड़ा संदेश है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित एक-एक रुपये का हिसाब लिया जाएगा। वाराणसी पुलिस की यह पहल कानून के सख्त और प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत उदाहरण है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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