500 पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन से निगरानी**
वाराणसी।
entity[“organization”,”बनारस हिंदू विश्वविद्यालय”,”central university varanasi india”] परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रुइया छात्रावास गेट के पास दो छात्रावासों के छात्रों के बीच मारपीट और पथराव की घटना हो गई। इस हिंसा में पीजी छात्र पीयूष तिवारी के सिर में गंभीर चोट आई, जिन्हें उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
घटना का क्रम और आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार निष्कासित/पूर्व छात्र दर्शित पांडेय, रौनक मिश्रा, अंकित पाल और विश्वजीत यादव पर आरोप है कि उन्होंने रुइया छात्रावास गेट पर पीयूष तिवारी के साथ मारपीट की। घटना के बाद छात्रावास क्षेत्र में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में छात्र मौके पर जुट गए।
पथराव से बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल छात्र की खबर फैलते ही आक्रोशित छात्रों के बीच तनाव और बढ़ गया। इसी दौरान एक अन्य छात्रावास के करीब 20–25 छात्र मुंह ढककर लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ रुइया छात्रावास की ओर बढ़े और पथराव शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस व प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर लंका राजकुमार शर्मा और बीएचयू चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए तीन थानों की फोर्स, पीएसी और ड्रोन निगरानी तैनात की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुल लगभग 200 सुरक्षाकर्मी और 500 पुलिसकर्मी परिसर में तैनात किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी गौरव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चीफ प्रॉक्टर ने छात्रावास स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच जारी, एफआईआर की तैयारी
डीसीपी गौरव ने बताया कि दो छात्रावासों के छात्रों के बीच मारपीट की घटना हुई है। पीड़ित छात्र से तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। साथ ही छात्रावासों में रह रहे बाहरी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति नियंत्रण में
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से फिलहाल परिसर में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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