वाराणसी (राजातालाब): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के राजातालाब में रेलवे क्रॉसिंग (समपार-13) की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। सरकारें और जनप्रतिनिधि बदलते रहे, लेकिन स्थानीय लोगों की इस बड़ी समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वाराणसी-प्रयागराज मुख्य रेलखंड पर स्थित राजातालाब रेलवे स्टेशन का फाटक क्षेत्रवासियों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहे लोगों को हर बार ओवरब्रिज या अंडरपास का आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ।
करीब दो दशक पहले पूर्व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके अलावा एक वर्ष पूर्व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा और धर्मेंद्र राय ने भी इस मुद्दे को उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार के बीच स्थित यह रेलवे फाटक दिनभर में करीब 40 से अधिक बार बंद होता है। इसके कारण जिला, तहसील, ब्लॉक मुख्यालय, सब्ज़ी और गल्ला मंडी तथा कई बैंकों तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार एक साथ कई ट्रेनों के गुजरने से फाटक लंबे समय तक बंद रहता है, जिससे जाम की स्थिति और भी विकट हो जाती है।
इस दौरान कई बार गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है, वहीं स्कूली बच्चों को भी कड़ी धूप और बारिश में घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है।
क्षेत्रीय लोगों ने कई बार अपने सांसद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक इस समस्या को पहुंचाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता, अधिवक्ता हरीओम दुबे, प्रधान अनिल मोदनवाल, सुनील यादव, हर्ष पांडे, अधिवक्ता शिवम पांडे, कन्हैया जायसवाल, बबलू पटेल, प्रदीप पांडे और राकेश यादव समेत अन्य लोगों ने पंचकोसी मार्ग स्थित इस रेलवे क्रॉसिंग पर जल्द से जल्द ओवरब्रिज या अंडरब्रिज निर्माण की मांग की है।