किसानों की सहमति से ही बनेगा काशी द्वार, किसी पर नहीं होगा दबाव: डॉ. अवधेश सिंह

पिंडरा। ने स्पष्ट कहा कि काशी द्वार आवासीय योजना के लिए भूमि केवल किसानों की सहमति से ही ली जाएगी। जो किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहेंगे, उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा। जितनी भूमि स्वेच्छा से किसान उपलब्ध कराएंगे, उसी पर योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। विपक्ष को राजनीति करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।

बुधवार को पिंडरा (रमईपुर) स्थित काशी द्वार योजना स्थल पर जे.जे. हॉस्पिटल परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक ने यह बातें कहीं। उन्होंने बताया कि किसानों की मांग पर पहले योजना को स्थगित किया गया था और अब किसानों की सहमति एवं आग्रह पर ही काशी द्वार के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हुई है।

विधायक के अनुसार अब तक करीब दो दर्जन किसानों ने लगभग 50 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री करा दी है, जबकि 400 किसानों ने प्रशासन को सहमति पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का इस योजना से कोई लेना-देना नहीं है, वे राजनीतिक लाभ के लिए स्थानीय किसानों को भड़काने और हिंसा के लिए उकसाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कभी पिंडरा क्षेत्र सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसता था, जबकि आज अमूल सहित विभिन्न फैक्ट्रियों की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। नए बिजली घर और ओवरब्रिज का निर्माण भी विकास की दिशा में बड़ा कदम है। विपक्ष को क्षेत्र का विकास रास नहीं आ रहा, इसलिए वे अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में विधायक ने कहा कि योजना के अंतर्गत ट्रामा सेंटर, स्टेडियम, स्कूल और अन्य जनकल्याणकारी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मूल्य देने के साथ मूल धनराशि पर 24 प्रतिशत अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. दिनेश मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पवन सिंह, मीडिया प्रभारी अभिषेक राजपूत, ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल चौबे सहित अनेक ग्राम प्रधान, किसान व भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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