चौड़ीकरण में तेज़ी

200 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में तीन जर्जर मकानों पर बुलडोजर, ड्रोन से निगरानी

वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुधवार को एक बार फिर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। नगर निगम की टीम करीब 200 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई का नेतृत्व एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने किया, जबकि एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी भी स्थल पर मौजूद रहे।

एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित तीन मकानों को गिराया जा रहा है। फिलहाल मकान संख्या सीके 62/2 पर बुलडोजर की कार्रवाई जारी है। यह भवन पहले आंशिक रूप से तोड़ा जा चुका था, जिसे बुधवार को पूरी तरह जमींदोज किया गया।


ड्रोन कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन

प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और यातायात को डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों के अनुसार पहले मैन्युअल प्रक्रिया अपनाई जाती है, उसके बाद बुलडोजर से ध्वस्तीकरण किया जाता है।


40 से अधिक रजिस्ट्रियां, 30 करोड़ से ज्यादा मुआवजा वितरित

पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह के अनुसार परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 40 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 30 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा वितरित किया जा चुका है। कई अन्य रजिस्ट्रियों के दस्तावेज भी प्राप्त हो चुके हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई होगी।

नगर निगम ने 23 जर्जर और 100 वर्ष से अधिक पुराने भवनों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें से कई भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि ये भवन सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक थे और उनमें लोग जान जोखिम में डालकर रह रहे थे।


क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट?

दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री द्वारा अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। राज्य सरकार ने इसके लिए 215.88 करोड़ रुपये जारी किए हैं। कुल 186 भवन/दुकान स्वामियों को लगभग 191 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना प्रस्तावित है।


60 फुट चौड़ी होगी सड़क

नई सड़क से चौक थाने तक 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसमें 30 फुट सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी बनाई जाएगी। बिजली, पानी और सीवर लाइन को अंडरग्राउंड किया जाएगा तथा तारों के जंजाल को हटाया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत में 220 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ, जिसमें से 2 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 181 भवनों की नाप-जोख के बाद रजिस्ट्री और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है। परियोजना क्षेत्र में 6 मस्जिदें भी शामिल हैं, जिनका सर्वे और समन्वय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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