— रॉयल शाइन टाइम्स
वाराणसी।
बाल विकास परियोजना के तहत संचालित योजना में हरहुआ ब्लॉक से गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए आने वाला सरकारी राशन (पोषाहार) और अन्य सामग्री लाभार्थियों तक पहुंचने के बजाय हरहुआ ब्लॉक के आयर में खुले बाजार में बेची जा रही है।
स्थानीय निवासी दिलीप मिश्रा ने इस अवैध गतिविधि का खुलकर विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस संबंध में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। दिलीप मिश्रा का कहना है कि इस पूरे मामले में ब्लॉक के CDPO की कथित मिलीभगत के कारण दोषियों के हौसले बुलंद हैं।
आरोपों के अनुसार, जिन बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नियमित पोषण मिलना चाहिए, वे सरकारी योजना के लाभ से वंचित रह जा रही हैं, जबकि वही सामग्री बाजार में बिकती देखी जा रही है। यह न केवल सरकारी संसाधनों की लूट है, बल्कि कुपोषण से जूझ रहे बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और आंगनवाड़ी केंद्रों में पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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