महापौर और नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद हाईलेवल जांच समिति गठित
संसाधनों के रख-रखाव और वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार
वाराणसी।
नगर निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महापौर एवं नगर आयुक्त ने नगर निगम के डंपिंग यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यार्ड में उपलब्ध संसाधनों के रख-रखाव में कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिन्हें अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए सुधार के निर्देश दिए।
वाहनों की स्थिति पर उठे सवाल
निरीक्षण में पाया गया कि डंपिंग यार्ड में खड़े कई वाहनों के आवश्यक पुर्जे गायब हैं या वे लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। इसके साथ ही वाहनों की मरम्मत से जुड़े बिलों में संभावित विसंगतियों की आशंका भी जताई गई।
इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए नगर प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
टेंडर से लेकर स्टॉक तक होगी बारीकी से जांच
गठित समिति निम्न बिंदुओं पर सूक्ष्म एवं गहन जांच करेगी—
- टेंडर प्रक्रिया
- वाहनों एवं उपकरणों की खरीद
- मरम्मत कार्यों के बिल
- स्टॉक प्रबंधन
जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नगर निगम के संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुदृढ़ कार्ययोजना के निर्देश
निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर आयुक्त ने अधिकारियों को—
- संसाधनों के बेहतर रख-रखाव
- वाहनों की समयबद्ध मरम्मत
- रिकॉर्ड और स्टॉक के डिजिटलीकरण
- जवाबदेही तय करने
के लिए सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
नगर निगम प्रशासन ने दो टूक कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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