पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने खोया मार्गदर्शक, पूर्व कुलपति प्रो. सुंदरलाल का निधनविश्वविद्यालय में आयोजित शोकसभा, शिक्षाजगत में शोक की लहर

जौनपुर।
के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदरलाल के आकस्मिक निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका निधन बीती रात उनके निजी आवास, में हुआ। दुखद समाचार मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।

पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदरलाल के निधन पर विश्वविद्यालय के सरस्वती सदन में शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कुलपति ने व्यक्त किया गहरा शोक

शोकसभा में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोफेसर सुंदरलाल ने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय को शैक्षणिक एवं सामाजिक दृष्टि से नई दिशा दी।
उन्होंने “बापू बाजार” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को समाज से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया। उनका योगदान विश्वविद्यालय के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति

गौरतलब है कि प्रोफेसर सुंदरलाल के 15वें कुलपति थे। उनका कार्यकाल 21 दिसंबर 2010 से 20 दिसंबर 2013 तक रहा।
वे के गणित विभाग में प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे नियमित रूप से गणित विषय का अध्यापन कर शिक्षा के प्रति अपने आजीवन समर्पण को जीवित रखते रहे।

उनका निधन न केवल विश्वविद्यालय परिवार बल्कि पूरे शैक्षणिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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