ड्रग रैकेट पर बड़ा खुलासा: सोनभद्र SIT जांच में शैली ट्रेडर्स के फर्जी लाइसेंस उजागर

सोनभद्र।
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सोनभद्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच में शुभम जायसवाल और भोला प्रसाद द्वारा संचालित शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के ड्रग लाइसेंस और गोदाम लाइसेंस पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। मामले में न केवल अंतरराज्यीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के संकेत भी सामने आए हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गठित SIT की जांच में यह खुलासा हुआ कि शैली ट्रेडर्स ने औषधि विभाग, रांची से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए किरायानामा, अनुभव प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जाली प्रस्तुत किए थे। इस गंभीर अनियमितता के संबंध में सहायक निदेशक, औषधि विभाग रांची द्वारा थाना धुर्वा (हटिया), रांची में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बांग्लादेश सीमा तक जुड़े तार

SIT सोनभद्र की जांच में यह भी सामने आया है कि शैली ट्रेडर्स से सप्लाई किया गया न्यू फेन्साडिल कफ सिरप सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) के रास्ते बांग्लादेश सीमा तक पहुंच रहा था। इस अंतरराष्ट्रीय कड़ी को देखते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की सिलीगुड़ी इकाई ने अलग से मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

वांछित अभियुक्तों पर शिकंजा

कफ सिरप तस्करी प्रकरण में वांछित अभियुक्त निशांत कुमार गुप्ता उर्फ रवि गुप्ता (निवासी भदोही) के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी कराया गया है। इससे पहले शुभम जायसवाल और विशाल उपाध्याय के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी हो चुके हैं।

कंपनी से तलब किया गया पूरा ब्योरा

SIT सोनभद्र ने एबाट कंपनी से शैली ट्रेडर्स को भेजी गई कफ सिरप की कुल शीशियों की संख्या, उनके परिवहन और वितरण से जुड़ा पूरा विवरण मांगा है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और फर्मों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में NDPS अधिनियम के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है और स्पष्ट संकेत देती है कि तस्करी से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

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