में चंद्र ग्रहण पर बदलेगा समय, 4:30 बजे बंद होंगे कपाट

अतिरिक्त जमा धनराशि लौटाई गई, पंडा सम्मानित

वाराणसी। 3 मार्च 2026 (फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा) को काशी में ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण के मद्देनजर काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने विशेष समय-सारिणी जारी की है। धर्मशास्त्रीय परंपरा के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ माना जाता है। मंदिर की परंपरा के तहत ग्रहण आरंभ होने से डेढ़ घंटे पूर्व कपाट बंद किए जाते हैं।

3 मार्च 2026 की समय-सारिणी

  • चंद्रोदय: सायं 5:59 बजे
  • ग्रहण मोक्ष: सायं 6:47 बजे
  • कपाट बंद: अपराह्न 4:30 बजे
  • पुनः दर्शन प्रारंभ: सायं 7:15 बजे के पश्चात

ग्रहण मोक्ष के बाद शास्त्रोक्त उग्रह (मोक्ष) पूजन, शुद्धिकरण एवं अन्य धार्मिक विधि-विधान पूर्ण कर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिए जाएंगे।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए दर्शन की योजना बनाएं तथा परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखें।


अतिरिक्त जमा धनराशि लौटाई गई, पंडा सम्मानित

इसी बीच धाम परिसर में श्रद्धालु सेवा का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया। ब्रह्मदत्त शर्मा नामक श्रद्धालु अपने परिवार के साथ दर्शन हेतु पहुंचे थे। सुगम दर्शन के लिए 1,200 रुपये जमा करने थे, लेकिन ऑनलाइन भुगतान के दौरान 10,659 रुपये मंदिर खाते में जमा हो गए, जिससे परिवार को आर्थिक असुविधा का सामना करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए पंडा समाज के संजय पांडेय श्रद्धालु को मंदिर कार्यालय लेकर पहुंचे, जहां मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष पूरा मामला प्रस्तुत किया गया। जांच और सत्यापन के बाद अतिरिक्त राशि श्रद्धालु को लौटा दी गई।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संजय पांडेय को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सजगता के लिए सम्मानित किया।

धाम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और संतोष सर्वोपरि है तथा तीर्थ पंडा समाज की सकारात्मक भूमिका सराहनीय है।

यह घटनाक्रम एक ओर धार्मिक परंपराओं के पालन का संदेश देता है, तो दूसरी ओर श्रद्धालु सेवा और पारदर्शिता की मिसाल भी प्रस्तुत करता है।

रिपोर्ट: रॉयल शाइन टाइम्स

About The Author

Share the News