लोक आस्था का महापर्व यानी डाला छठ की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं और कहानियां भी। आस्थावान महिलाएं देश के बाहर रहकर भी इस अडिग व्रत को रखती हैं और नियमों का पालन भी करती हैं।
विदेश में हों या देश के किसी कोने में, अपनी माटी की संस्कृतियों और परंपराओं को कायम रखने कोई पीछे नहीं है। छठ पूजा कोई विदेश में मना रहा है तो कोई बाहर से काशी में ही मनाने आए हैं।
जक्खिनी पोखरी पर छठ पूजा की शुरुआत सिहोरवा गांव के जनार्दन सिंह की पत्नी केवला देवी ने 90 की दशक में की थी। कोलकाता में पहली बार उन्होंने व्रत रखा था। जब गांव आ गईं तो यहीं अकेले पूजा करने लगीं। अब हर साल यहां 50 गांव के लोग पूजा करने आते हैं। वहीं, संकट मोचन मंदिर के पूर्व प्रधान पुजारी स्वं. राजमंगल त्रिपाठी की तीसरी पीढ़ी रवींद्र त्रिपाठी परिवार संग माॅरीशस में छठ पूजा करते हैं। वह वहां पुरोहित हैं और पिछले कई साल से वहां छठ पूजा कर रहे हैं।
जितेंद्र पत्नी संग ढकवां घाट पर देंगे सूर्यदेव को अर्घ्य : लखनऊ में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात कैथी निवासी जितेंद्र कुमार दूबे भी परिवार के साथ छठ पूजा करने काशी आए हैं। वह पत्नी बीना दूबे संग गौरीशंकर महादेव ढकवां घाट पर पूजा करेंगे और अर्घ्य देंगे। उनकी पत्नी 10 वर्षों से भी ज्यादा समय से छठ पूजा करती है।
75 साल की कृष्णावती देवी करती हैं सूर्यदेव की आराधना : कृष्णावती देवी की उम्र 75 साल है। वह 50 साल से छठ व्रत रख रही हैं। बिहार के गोपालगंज की मूल निवासी और लंका के छित्तूपुर में रह रहीं कृष्णावती को छठ पूजा के प्रति इतनी आस्था है कि और कोई व्रत भले न रहें, लेकिन इस पूजा के लिए पूरे उत्साह के साथ रखती हैं। उनके पुत्र वैभवमणि त्रिपाठी नगर निगम में कार्यरत हैं।
पहली बार छठ पूजा करेंगी मनू और रूबी : चौबेपुर क्षेत्र के अजांव गांव के अरुण उपाध्याय की पत्नी मनू उपाध्याय पहली बार छठ पूजा करेंगी। वह काफी उत्साहित हैं। वे इस पूजा के लिए अपनी बहनों, रिश्तेदारों को भी घर बुलाई हैं। मनू ने बताया कि यह कठिन व्रत है, लेकिन छठ माता की कृपा से जरूर करूंगी। धौरहरा गांव के अजय चौबे की पत्नी रूबी भी पहली बार छठ पूजा करेंगी।
70 साल की मां सुशीला संग बरेका के अधिकारी करेंगे पूजा : बरेका में कार्यरत सहायक कार्य प्रबंधक धनंजय सिंह अपनी 70 वर्षीय मां सुशीला देवी, भाभी निभा सिंह और पत्नी विस्मिता कुमारी के साथ छठ पूजा करेंगे। उन्होंने बताया कि मां 40 साल से छठ पूजा कर रही हैं। उम्र अधिक होेने के बाद भी उन्होंने पूजा नहीं छोड़ी।

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