कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी ने छठा स्थान प्राप्त किया है। सीडीओ ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि, चिरईगांव ब्लॉक में संस्थागत प्रसव और प्रसव पूर्व जांच जैसी गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति न होने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया गया।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण अधूरा है, वहां कोटेदारों के सहयोग से छूटे परिवारों को चिन्हित कर पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चितnकिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रसूताओं को भुगतान में कोई देरी न हो — राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में समय से पहुंचनी चाहिए।
सीडीओ नागपाल ने सभी सीएचसी और जिला चिकित्सालयों को निर्देशित किया कि जन औषधि केन्द्रों में मानक गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध रहें, चिकित्सक ओपीडी पर्ची पर मुहर लगाना सुनिश्चित करें, और मरीजों को बाहर की दवा न लिखें।
उन्होंने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवसों का 100% निरीक्षण करने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने सभी कार्यक्रमों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर राजकीय चिकित्सालयों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, एसीएमओ, डीपीएम, डीएमओ, और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

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