दुबई कनेक्शन पर कानून का शिकंजा

कफ सिरप केस का मास्टरमाइंड रडार पर, शाइन सिटी का किंगपिन गिरफ्तार

वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चर्चित कफ सिरप प्रकरण और बहुचर्चित शाइन सिटी घोटाले को लेकर जांच एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक ओर कफ सिरप नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल दुबई में छिपा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर के प्रमोटर को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


कफ सिरप कांड: मास्टरमाइंड दुबई में, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी

वाराणसी के प्रह्लादघाट क्षेत्र निवासी शुभम जायसवाल पर अवैध कफ सिरप नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। पुलिस उसके कई करीबी सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी फिलहाल दुबई में बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक वह गोल्डन वीजा पर दुबई में रह रहा है। ऐसे में भारत सरकार को प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने से पहले इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराना होगा। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपी को भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


शाइन सिटी घोटाला: दुबई में गिरफ्तारी

हजारों निवेशकों से कथित तौर पर 800 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी राशिद नसीम को दुबई पुलिस ने (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा के अनुरोध पर हिरासत में लिया है।

विशेष अदालत उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। उसके और उसकी कंपनियों के खिलाफ प्रदेशभर में करीब 554 एफआईआर दर्ज हैं। आरोप है कि पॉन्जी और पिरामिड स्कीम के जरिए ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से धन जुटाया गया।


मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति जब्ती

जांच एजेंसियों के अनुसार निवेशकों से जुटाई गई रकम को 34 से अधिक कथित फर्जी कंपनियों के माध्यम से ट्रांसफर किया गया। ईडी अब तक 266.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुका है, जिनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार की अचल संपत्तियां शामिल हैं।

राशिद और उसके भाई पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके भाई आसिफ की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। अब राशिद को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


कई शहरों में फैला नेटवर्क

शाइन सिटी के प्रोजेक्ट लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, बाराबंकी समेत कई शहरों में संचालित बताए गए हैं। मामले में अब तक 63 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि ठगी की रकम किन माध्यमों से विदेश भेजी गई और किन-किन लोगों की भूमिका इसमें रही।


कानून की पकड़ से बचना मुश्किल

कफ सिरप प्रकरण हो या शाइन सिटी घोटाला—दोनों मामलों में एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय समन्वय के साथ कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आर्थिक अपराध और संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

यह घटनाक्रम संकेत देता है कि विदेश में ठिकाना बना लेने से कानूनी जवाबदेही से बच पाना अब आसान नहीं है।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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