वाराणसी में शुक्रवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में सत्रहवें रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, कमलेश पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चयनित 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रदान किए जा रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के तहत वाराणसी में उपस्थित नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभासेतु पोर्टल उन उम्मीदवारों के लिए नया अवसर लेकर आया है जो यूपीएससी की अंतिम सूची तक पहुंचे लेकिन चयनित नहीं हो पाए। अब निजी और सार्वजनिक संस्थान इस पोर्टल से योग्य युवाओं को जोड़कर उन्हें अवसर प्रदान कर सकेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा —
“यह केवल नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का निमंत्रण पत्र है। आप सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के निर्माता हैं।”
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भावना ही राष्ट्र की प्रगति का आधार बनेगी। जनता का विश्वास उनके आचरण और कर्म से और सशक्त होगा।
कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में नव नियुक्त अभ्यर्थियों की भूमिका अहम होगी। उन्होंने काशी को ज्ञान, संस्कार और परंपरा की पावन भूमि बताते हुए कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय में नियुक्ति पत्र वितरण होना गौरव का विषय है।
राज्य मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख किया और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल बताया।
कार्यक्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, निदेशक डाक सेवाएं वाराणसी परिक्षेत्र प्रीति अग्रवाल, और गृह मंत्रालय के डिप्टी कमांडेंट नवनीत कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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