वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के संयुक्त कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एहतियाती कार्रवाई की है। कांग्रेस और सपा के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को बुधवार देर रात हाउस अरेस्ट या हिरासत में लिया गया।
पुलिस टीम लखनऊ के होटल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कमरे तक पहुँची और उनसे वाराणसी न जाने को कहा। वाराणसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ समेत कई नेताओं को भी निगरानी में रखा गया।
कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी के विरोध प्रदर्शन और “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे के साथ वाराणसी पहुँचने की योजना बनाई थी। खुफिया विभाग को इसकी जानकारी मिलते ही कमिश्नरेट ने तीनों जोन (काशी, वरुणा, गोमती) में पुलिस टीमों को अलर्ट किया।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि “चूँकि प्रधानमंत्री मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम दोनों वाराणसी में हैं, इसलिए सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए पुलिस द्वारा उठाया गया कदम आवश्यक था।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह निवारक (Preventive Arrest) है ताकि शहर में कानून-व्यवस्था और वीवीआईपी सुरक्षा में कोई बाधा न आए।
कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जन सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मेहमान की सुरक्षा के लिए जरूरी थी

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