वाराणसी। श्रीरामस्वरूप विश्वविद्यालय, लखनऊ में हुई कथित अनियमितताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर शुक्रवार को ABVP-BHU इकाई ने मशाल यात्रा निकाली। यह यात्रा MMV तिराहे से सिंहद्वार तक निकाली गई, जिसमें सैकड़ों छात्र शामिल हुए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि बाराबंकी में ABVP कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया लाठीचार्ज और बाहरी तत्वों की गुंडई बर्बरता की हद थी। छात्रों का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों और विश्वविद्यालय प्रशासन पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि लाठीचार्ज किसके आदेश पर हुआ।
ABVP की प्रमुख मांगें:
- रामस्वरूप विश्वविद्यालय में बिना अनुमति व नवीनीकरण के विधि पाठ्यक्रम संचालन की निष्पक्ष जांच।
- प्रशासनिक अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई।
- विलंब शुल्क, सामाजिक कल्याण शुल्क और अन्य आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- छात्र आंदोलन के समर्थन में दो छात्रों का निष्कासन अवैधानिक है, इसे रद्द किया जाए।
- उच्च शिक्षा परिषद द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर विश्वविद्यालय पर विधिक कार्रवाई।
विश्वविद्यालय पर अवैध कब्जे का आरोप:
छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने करीब 6 बीघा सरकारी भूमि (नाली, तालाब और चकमार्ग) पर अवैध कब्जा किया था। तहसीलदार कोर्ट ने 25 अगस्त 2025 को इस कब्जे को अवैध मानते हुए प्रबंधन पर ₹27.96 लाख का जुर्माना लगाया और 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया।
ABVP-BHU इकाई के अध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रशांत राय ने कहा कि “शैक्षिक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे छात्रों पर पुलिसिया लाठीचार्ज असहनीय है। ABVP मांग करती है कि दोषी पुलिसकर्मियों और विश्वविद्यालय प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की जाए।”

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