वाराणसी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को ने में उपवास व प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम शहर स्थित की प्रतिमा के नीचे आयोजित हुआ।
प्रदर्शन से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के रोजगार का भरोसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनरेगा के नाम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की, तो कांग्रेस सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
अजय राय ने कहा कि मनरेगा ने लाखों ग्रामीण परिवारों को काम और सम्मान दिया है। इसके नाम में बदलाव का प्रयास गांधीजी की सोच और योजना की मूल भावना पर आघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असल मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण संकट—से ध्यान भटकाने के लिए प्रतीकात्मक बदलाव कर रही है।
उपवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मनरेगा को यथावत रखने की मांग की और केंद्र सरकार से निर्णय वापस लेने की अपील की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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