प्रतिबिंब पोर्टल के जरिए फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर देशभर में 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को जौनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई थाना कोतवाली और साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई।
यह सफलता अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता एवं क्षेत्राधिकारी साइबर देवेश सिंह के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में प्राप्त हुई।
कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह तथा साइबर थाना प्रभारी महेश पाल सिंह ने किया।
कैसे करता था ठगी
गिरफ्तार अभियुक्त प्रियम श्रीवास्तव (उर्फ हनी) फर्जी तरीके से “राजरिता” नाम की ऑनलाइन फर्म बनाकर A-4 साइज पेपर और नोटबुक सप्लाई का झांसा देता था। ऑर्डर मिलने के बाद वह ग्राहकों से पैसे अपने और परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेता था।
डिलीवरी के संबंध में पूछताछ करने पर अभियुक्त इनवॉइस मेकर ऐप से फर्जी बिल तथा PicsArt के माध्यम से DTDC कूरियर की नकली बिल्टी बनाकर व्हाट्सएप पर भेज देता था, लेकिन माल कभी नहीं पहुंचाता था।
आगे चलकर वह ExportersIndia और IndiaMART जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए ग्राहकों को खोजता और कभी गेमिंग प्लेटफॉर्म तो कभी अन्य बहानों से भुगतान मंगवाता था।
बैंक खातों की जांच में वर्ष 2021 से अब तक ₹1 करोड़ से अधिक के फर्जी ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। वहीं NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की जांच में अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न राज्यों से कुल 21 शिकायतें दर्ज पाई गईं।
गिरफ्तार अभियुक्त
प्रियम श्रीवास्तव (उर्फ हनी)
पुत्र: राजकुमार श्रीवास्तव
निवासी: कबुलपुर, थाना जलालपुर, जनपद जौनपुर
आयु: लगभग 32 वर्ष
आपराधिक इतिहास (संक्षेप)
प्रयागराज, जौनपुर एवं वाराणसी में धोखाधड़ी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज
वर्तमान मामला: मु.अ.सं. 08/26, धारा 406/419/420/467/468/471 भादवि, थाना कोतवाली जौनपुर
गिरफ्तार अभियुक्त को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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