आज़मगढ़।
आज़मगढ़ की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 15 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह संगठित गिरोह फर्जी PM-KISAN .APK ऐप, ई-चालान लिंक और निवेश योजनाओं के जरिये देशभर के लोगों को ठग रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग अब तक करीब ₹110 करोड़ की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है।
तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, शुरुआती दो गिरफ्तारियों के बाद मिले तकनीकी इनपुट से पता चला कि गैंग का मास्टरमाइंड लखनऊ में सक्रिय है। इसके बाद पुलिस टीम ने हुसड़िया चौराहा (लखनऊ) के पास दबिश देकर इमरान उर्फ समद और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर GMC होटल और Precious BNB से 13 अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया।
Modus Operandi: ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
Instagram ID “Accountwala 9334” के जरिए लोगों को बैंक खाते, ATM कार्ड और SIM उपलब्ध कराने पर मोटे कमीशन का लालच।
खातों, ATM और रजिस्टर्ड SIM को अपने कब्जे में लेकर उनका उपयोग साइबर ठगी में।
फर्जी PM-Kisan व E-Challan नाम की APK फाइल भेजकर पीड़ितों के मोबाइल हैक करना।
बैंक खातों से रकम निकालकर फर्जी/म्यूल खातों में ट्रांसफर।
पहचान छिपाने के लिए दूसरे राज्यों में जाकर ATM से नकदी निकासी।
जांच में 121 बैंक अकाउंट और 186 NCRP (नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल) शिकायतें इस गैंग से जुड़ी पाई गई हैं।
बरामदगी
23 मोबाइल फोन
14 ATM कार्ड
15 SIM कार्ड
फर्जी .APK फाइलें व बैंकिंग डेटा
दो कारें—Hyundai i20 और Grand Vitara (दस्तावेज न मिलने पर सीज)
अंतरराज्यीय गैंग
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों के सदस्य शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि नेटवर्क की जड़ें और भी राज्यों तक फैली हो सकती हैं।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
साइबर क्राइम थाना, आज़मगढ़ की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रेसिंग और इंटरस्टेट ऑपरेशन के जरिए इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट की कमर तोड़ी है। पुलिस आगे की पूछताछ में शेष लिंक और धन के ट्रेल की जांच कर रही है।

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