किसानों को राहत — जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार ने दिए सख्त निर्देशधान क्रय केंद्रों पर बिना भेदभाव और पारदर्शिता के की जाए खरीद, काश्तकारों को न हो कोई परेशानी

वाराणसी। जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित धान क्रय कार्यशाला में आगामी धान खरीद सत्र की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी धान क्रय केंद्रों पर सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।

डीएम ने कहा कि किसी भी किसान को नमी या गुणवत्ता के नाम पर लौटाया न जाए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बोरे, नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छनना, डस्टर और त्रिपाल जैसी व्यवस्थाएं पूरी हों। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 35 धान क्रय केंद्रों को अनुमोदित किया गया है — जिनमें खाद्य विभाग के 15, पीसीएफ के 12, पीसीयू के 5, मण्डी समिति के 2 और भारतीय खाद्य निगम का 1 केंद्र शामिल है। इस वर्ष धान क्रय लक्ष्य 38,000 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य –
🔹 धान (कॉमन): ₹2369 प्रति क्विंटल
🔹 धान (ग्रेड-ए): ₹2389 प्रति क्विंटल

इस बार बटाईदार किसानों से भी खरीद की जाएगी। अब तक 779 किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, और शेष किसानों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की गई। किसानों को सलाह दी गई कि वे अपना पंजीकरण www.fcs.up.gov.in पोर्टल पर स्वयं या साइबर कैफे के माध्यम से करें।

डीएम ने निर्देशित किया कि सभी खरीद केंद्रों पर वर्षा से सुरक्षा हेतु त्रिपाल की व्यवस्था रहे और हैंडलिंग व परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति समय से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए ई-पास मशीन और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली से खरीद की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (ना०आ०), जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सचिव कृषि उत्पादन मण्डी समिति, भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक, पीसीएफ, पीसीयू के जिला प्रबंधक, विपणन अधिकारी और धान क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।

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