अब बनारस में सड़क पर थूकना, गाड़ी से कूड़ा फेंकना या गंगा में पूजा सामग्री डालना महंगा पड़ेगा। वाराणसी नगर निगम ने शहर को राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-5 में लाने के लक्ष्य के साथ नई “स्वच्छता नियमावली-2021” लागू कर दी है। इसके तहत कुल 32 तरह के उल्लंघनों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
अब सड़क पर थूकने या वाहन से कूड़ा फेंकने पर ₹1000 का जुर्माना, खाली प्लॉट या सड़क किनारे गंदगी फैलाने पर ₹500, और गंगा या अन्य जलस्रोतों में पूजा सामग्री डालने पर ₹750 का जुर्माना देना होगा। वहीं निर्माण मलबा या औद्योगिक अपशिष्ट फेंकने वालों पर ₹3000 से ₹5000 तक का दंड लगाया जाएगा।
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि वाराणसी को स्वच्छता रैंकिंग में ऊँचा स्थान दिलाने के लिए पुरानी स्वच्छता नियमावली-2017 को अमान्य घोषित कर दिया गया है और अब सभी विभागों को नई जुर्माना बुक जारी कर दी गई है। यह कार्रवाई धारा-46 के तहत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर FIR दर्ज की जाएगी, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा सके।
नगर आयुक्त ने साफ किया कि शहर की सीमा में कोई भी व्यक्ति वाहन से कचरा नहीं फेंक सकता, सड़क पर थूक नहीं सकता और न ही अपशिष्ट जल या नालियों में बहा सकता है। इसके अलावा भंडारा, लंगर या सार्वजनिक आयोजन करने वालों को स्थल पर कूड़ेदान रखना अनिवार्य है, अन्यथा ₹2000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
मुख्य बिंदु — नई स्वच्छता नियमावली के तहत जुर्माने:
✅ सड़क पर थूकना या वाहन से कचरा फेंकना – ₹1000
✅ पूजा सामग्री गंगा या जलस्रोत में डालना – ₹750
✅ खाली प्लॉट/सार्वजनिक स्थल पर गंदगी करना – ₹500
✅ निर्माण मलबा फेंकना – ₹3000
✅ औद्योगिक गंदा जल बहाना – ₹5000
✅ पालतू जानवरों द्वारा गंदगी करने पर मालिक पर – ₹500
✅ आयोजन स्थल पर डिब्बे न रखने पर – ₹2000
नगर निगम अधिकारियों, जोनल अफसरों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और अभियंताओं को नई नियमावली की प्रति सौंप दी गई है। सभी को जुर्माना वसूली के लिए एकसमान प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्देश्य:
इस नियमावली का लक्ष्य बनारस को “स्वच्छता में नंबर-1” बनाना और नागरिकों को साफ-सुथरा वातावरण देना है।

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