जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाते हुए स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पिंडरा के दो डॉक्टरों और एक फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी ने पाया कि चिकित्सक मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की दवा लिख रहे थे। पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने डॉ. अरविंद, प्रदीप कुमार और फार्मासिस्ट अभिमन्यु को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने अन्य चिकित्सकों को केवल अस्पताल में उपलब्ध या वैकल्पिक दवा ही लिखने का निर्देश दिया। डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवा वितरण में अनियमितता और स्टाफ की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पिंडराई और उच्च प्राथमिक विद्यालय पिंडराई (विकास क्षेत्र पिंडरा) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति, भोजन व्यवस्था और सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मेस की स्वच्छता सुधारने, रंग-रोगन और मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्राओं के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
जिलाधिकारी ने इसके अलावा करखियांव स्थित बनास डेयरी प्लांट और पैक हाउस का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने प्राइमरी, फ्रूट और वेजिटेबल प्रोसेसिंग एरिया का अवलोकन किया और संचालन की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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