वाराणसी। गुंडा एक्ट के मामले में एक आरोपित को बड़ी राहत मिल गई। अपर पुलिस आयुक्त की कोर्ट ने हंकारटोला, चेतगंज निवासी आरोपित किशन सेठ की गुंडा एक्ट की नोटिस को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह व अमनदीप सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चेतगंज पुलिस 16 अप्रैल 2025 को शाम 19:05 बजे कतरा में भ्रमण कर रही थी। उसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि हंकारटोला थाना चेतगंज निवासी किशन सेठ आये दिन लोगों से मारपीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने जैसे अपराध कारित करता रहता है। जिस कारण क्षेत्र में इसका भय एवं आतंक व्याप्त है। इसके भय एवं आतंक के कारण जनता का कोई भी व्यक्ति इसके विरुद्ध मुकदमा लिखवाने एवं गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। इस मामले में थाना प्रभारी चेतगंज के आख्यानुसार इसका क्षेत्र में स्वछन्द विचरण करना जनहित/लोक व्यवस्था के दृष्टि से उचित नहीं है। लोक शान्ति व्यवस्था बनाये रखने तथा इसकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने हेतु इसके विरुद्ध धारा 3(1) उ0प्र0 गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया है। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर के आदेश पर इसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी की गई। इस नोटिस के खिलाफ उसने अपर पुलिस आयुक्त की कोर्ट में अपील की। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपित की गुंडा एक्ट की नोटिस को निरस्त कर दिया।

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