लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 10,28,205 छात्र-छात्राओं को ₹297.95 करोड़ की छात्रवृत्ति का अंतरण किया। यह राशि विद्यार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “छात्रवृत्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे अपनी ऊर्जा से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “किसी भी युवा, विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।”
दीपावली से पूर्व इस “शैक्षिक उपहार” के लिए उन्होंने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘अभ्युदय कोचिंग’ के माध्यम से हर जनपद में युवाओं के लिए बेहतरीन मंच उपलब्ध कराया गया है, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर पात्र विद्यार्थी तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी रूप से पहुंचे।
योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को उद्धृत करते हुए कहा —
“पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबन का जीवन व्यतीत कर सकते हैं और अपने समाज व देश के लिए कुछ कर सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 तक प्रदेश में केवल 46 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति का लाभ पाते थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 62 लाख हो गई है।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न जनपदों से आए विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

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