फायर एनओसी (No Objection Certificate) जारी करने के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश करते हुए वाराणसी स्थित सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Team) ने शुक्रवार को मुगलसराय स्थित फायर सर्विस ऑफिस पर छापा मारा। टीम ने फायर ब्रिगेड के मुंशी एवं कॉन्स्टेबल राजकमल को एक आवेदनकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, चंदौली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय में अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से फायर एनओसी जारी करने के नाम पर लंबे समय से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने मुगलसराय कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी मुंशी ने आवेदनकर्ता से रिश्वत की राशि ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के दौरान कार्यालय में मौजूद एक सिपाही ने विरोध कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिसका फायदा उठाकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन विजिलेंस टीम ने पीछा कर उसे धर दबोचा। इसके बाद आरोपी को वाराणसी विजिलेंस ऑफिस ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई से पूरे फायर सर्विस विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी अब जांच के दायरे में है। विभाग के अंदर वर्षों से एनओसी के नाम पर रिश्वत का खेल चलता आ रहा था, जहां बिना “चढ़ावा” दिए किसी भी प्रतिष्ठान को अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलता था — चाहे भवन सुरक्षा मानकों पर खरा उतरे या नहीं।
अब विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद है, बल्कि लंबे समय से जमे कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।
प्रमुख तथ्य:
- स्थान: फायर सर्विस ऑफिस, मुगलसराय, चंदौली
- गिरफ्तार कर्मचारी: फायर ब्रिगेड मुंशी राजकमल
- कार्रवाई: वाराणसी सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Team)
- रिश्वत का उद्देश्य: फायर एनओसी जारी करने के लिए अवैध वसूली
- विभाग में मचा हड़कंप, अन्य कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में

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