वाराणसी में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (Anti-Corruption Team) ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। मामला थाना कोतवाली की प्रभारी निरीक्षक सुमित्रा देवी से जुड़ा है, जिन्हें टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस दौरान महिला आरक्षी अर्चना राय को भी हिरासत में लिया गया, जो बतौर माध्यम रिश्वत की रकम ले रही थी।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता मेराज ने बताया कि उसके परिवार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी ने विवेचना से नाम निकालने के बदले 20 हजार रुपए की मांग की थी। मेराज ने इसकी शिकायत वाराणसी एंटी करप्शन कार्यालय में की, जिसके बाद 17 अक्टूबर को टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही महिला आरक्षी ने 10 हजार रुपए लिए, टीम ने मौके पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की रकम बरामद की।
गिरफ्तारी के बाद इंस्पेक्टर ने टीम पर रौब दिखाने की कोशिश की, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने किसी तरह की रियायत नहीं दी और उन्हें कैंट थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सुमित्रा देवी प्रयागराज की रहने वाली हैं और वर्ष 2010 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। लखनऊ में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद 2021 में उनका तबादला वाराणसी किया गया था, जहां वह फिलहाल महिला थाने की प्रभारी थीं।
अब इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रमुख तथ्य:
- रिश्वत की राशि: ₹10,000
- गिरफ्तार अधिकारी: इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी व आरक्षी अर्चना राय
- कार्रवाई: एंटी करप्शन टीम, वाराणसी
- मामला दर्ज: भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत

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