वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में मद्यनिषेध विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत राज्य स्तरीय सेमिनार और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन 15 अक्टूबर 2025 को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शताब्दी प्रेक्षागृह, कृषि विज्ञान संस्थान में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नितिन अग्रवाल, माननीय मंत्री (आबकारी एवं मद्यनिषेध विभाग, उ.प्र.) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत मद्यनिषेध प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। इसके बाद मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान राज्य मद्यनिषेध अधिकारी आर.एल. राजवंशी ने विभाग की उपलब्धियों और “नशा मुक्त भारत अभियान” के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि नितिन अग्रवाल ने अपने संबोधन में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि —
“नशे के विरुद्ध यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य संभव है।”
उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत विजन 2047” के तहत नशा मुक्त समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। वहीं, प्रो. अनुपम कुमार नेमा, छात्र अधिष्ठाता (छात्र कल्याण संकाय, BHU) ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के कारणों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण माननीय मंत्री श्री नितिन अग्रवाल एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
डॉ. निर्मालिका सिंह, क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, वाराणसी क्षेत्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. सिद्धीदात्री भारद्वाज, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्कृत विभाग, BHU द्वारा किया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

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