वाराणसी। स्वच्छता, गुणवत्ता और रोगी-हितकारी सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वाराणसी जनपद के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को वर्ष 2024–25 में ‘कायाकल्प योजना’ के तहत सम्मानित किया गया है।
सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड की रही, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है।
इसके साथ ही शहरी सीएचसी चौकाघाट, सारनाथ, शिवपुर और एसबीएम भेलूपुर को भी बेहतर स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से चोलापुर, हाथी बाजार, आराजी लाइन, पुवारीकला और मिसिरपुर सीएचसी को भी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान कायाकल्प योजना के अंतर्गत तीन चरणों — आंतरिक (Internal), सहकर्मी (Peer) और बाह्य मूल्यांकन (External Assessment) — में सभी इकाइयों का मूल्यांकन किया गया। अंतिम मूल्यांकन के आधार पर इन 10 इकाइयों ने “इंसेंटिव” हासिल किया।
डॉ. चौधरी ने कहा —
“कायाकल्प योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और रोगी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। वाराणसी के स्वास्थ्य केंद्रों ने टीम भावना और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।”
इन उपलब्धियों से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई दिशा मिली है, और यह प्रयास अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।
वाराणसी एक बार फिर स्वच्छता और सेवा भावना के क्षेत्र में बना प्रदेश का अग्रणी जनपद।

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