राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अन्तर्गत वित्तीय समावेशन ही सामाजिक विकास की धुरी : कर्नल विनोद

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अन्तर्गत दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को “वित्तीय समावेशन दिवस” का आयोजन वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत सभी डाक मंडलों एवं डाकघरों में उत्साहपूर्वक किया गया। कर्नल विनोद कुमार ने इस अवसर पर बहसे-ए-बनारस सभागार कक्ष, में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया और बताया कि इस  दौरान इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), डाक जीवन बीमा (PLI/RPLI) तथा सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) से संबंधित विशेष जानकारी प्रदान करने एवं नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ देने हेतु 71 डाक चौपाल एवं विशेष कैंप का आयोजन खातों के खुलवाने, बीमापॉलिसी लेने तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। कर्नल विनोद ने कहा कि डाक विभाग आज न केवल डाक सेवाओं के क्षेत्र में बल्कि वित्तीय समावेशन, बीमा एवं डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि डाक विभाग का उद्देश्य देश के हर नागरिक को बैंकिंग एवं बीमा सेवाओं से जोड़ना है ताकि “हर घर तक वित्तीय सशक्तिकरण” का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
श्री परमानंद सहायक निदेशक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजनाएं आम नागरिकों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही हैं और आज वाराणसी में कुल 1000 ई पोस्ट संदेश भी भेजे गए हैं
सुश्री पल्लवी ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से देश की बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में डाक विभाग सतत प्रयासरत है और आज के अभियान में कुल एक हज़ार से भी अधिक सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाये गए। पल्लवी ने बताया कि आज के दिन कुल 2500 डाक बचत खाते खोले गए हैं जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
श्री प्लबन नस्कर, सीनियर लेखाधिकारी  ने वाराणसी परिक्षेत्र में आज के अभियान की सफलता को मंडल वार तरीके से प्रस्तुत किया और सुश्री पूजा सहायक लेखाधिकारी ने बताया कि सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्रामों की संख्या में वृद्धि हुई है और अब यह संख्या 76 हो गई है।
श्री संजीव निरीक्षक डाक एवं कार्यालय के सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा उन्होंने वित्तीय प्रसार में सुधार हेतु मूल्यवान सुझाव दिए। कुल क़रीब 79 करोड़ रुपये बीमित धनराशि की डाक जीवन बीमा की पॉलिसी उपार्जन किया गया।
कर्नल विनोद ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में डाक विभाग की सेवाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने हेतु प्रेरित किया।

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