पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार और आचरण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में थानों पर और यातायात चेकिंग के दौरान आम नागरिकों से दुर्व्यवहार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विशेषकर भेलूपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक अधिवक्ता से मारपीट की घटना सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने यह कदम उठाया।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएँ न केवल अनुचित हैं बल्कि पुलिस विभाग की छवि को भी आहत करती हैं और जनता के बीच नकारात्मक संदेश प्रसारित करती हैं। उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों और यातायात निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों (उपनिरीक्षक, आरक्षी एवं होमगार्ड) को सख्ती से ब्रीफ करें।
निर्देशों के अनुसार यातायात नियम तोड़ने वालों पर केवल मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत ही कार्रवाई की जाएगी। आमजन के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार या अशोभनीय कृत्य नहीं होना चाहिए। वाहन चेकिंग मुख्यतः संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर केंद्रित रहेगी, जैसे – बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, तीन सवारी करने वाले या मुँह पर कपड़ा बांधने वाले युवक। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति परिवार सहित यात्रा कर रहा हो तो उसके साथ सम्मानजनक और शालीन व्यवहार किया जाए।
यह निर्देश वाराणसी पुलिस की छवि को सुधारने और जनता में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

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