समितियो की तालाबंदी के संबंध मे मंगलवार को यूनियन का प्रदेश नेतृत्व लेगा फैसलाः ऋषि कुमार सिंह
वाराणसी।
एमपैक्स सदस्यता महाअभियान के चार दिन बीत जाने के बाद भी वाराणसी जनपद की प्रगति शून्य है।सहकारी सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह के नेतृत्व मे बीपैक्स सचिवों द्वारा अपने बकाया वेतन और कमीशन की माँग को लेकर सदस्यता महाअभियान के वहिष्कार ने अभियान के पैरो के नीचे से जमीन खींच ली है।
बीते 9 सितंबर को सदस्यता अभियान की कार्यशाला मे वेतन कमीशन की मांग कर रहे सचिवो से विभागीय अधिकारियो द्वारा कथित दुर्व्यवहार से उद्वेलित सचिवों ने सदस्यता अभियान को छोड़कर अन्य दैनिक कार्यो का सम्पादन जारी रखा है मगर बाँह पर काली पट्टी बांध कर।
हैरत की बात है कि पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र मे केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के ड्रीम प्रोजेक्ट की नींव खिसक रही है पर सहकारिता विभाग को जैसे कोई परवाह ही नही।न आजतक सचिवो से किसी अधिकारी ने संवाद करने की कोशिश की न ही कोई सांत्वना या आश्वासन देने ही पहुँचा।बीपैक्स सचिवो ने महाअभियान की स्टेशनरी किट भी लेने से इंकार कर दिया है।
सहकारी सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह बताते है कि दो वर्ष पूर्व सदस्यता महाअभियान के प्रथम चरण मे सभी सचिवो ने प्राण प्रण से मेहनत की ओर लक्ष्य पचीस हजार के सापेक्ष चालीस हजार नये सदस्य बना दिये।बनारस के अधिकारीगण प्रदेश स्तर पर सम्मानित हुए परंतु सचिवो के वेतन मानदेय और गेहू धान खरीद के कमीशन भुगतान के संबंध मे कोई कार्रवाई नही की गई।यही नही प्रति सदस्य बनाने के संबंध मे निर्धारित प्रोत्साहन राशि भी सचिवो को नही दी गई।
ऋषि कुमार सिंह ने कहा कि हम अभी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे है लेकिन कल मंगलवार को हमारी यूनियन का प्रदेश नेतृत्व तय करेगा कि आगे आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी। उसी बैठक मे हम समितियो मे तालाबंदी करने के संबंध मे भी कोई फैसला लेंगे।
ऋषि कुमार सिह ने कहा कि यह निर्णायक लड़ाई है।सचिवो को इसमे कुछ भी खोना नही है ।इसमे या तो हम जीतेंगे या फिर एक महान आँदोलन अधिकारियो की हठधर्मी के कारण बिखर जाएगा।

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