कबीरचौरा अस्पताल में ‘मजार’ को लेकर वीडियो वायरल, अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण

वाराणसी का कबीरचौरा जिला महिला चिकित्सालय आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सुर्खियों में रहता है, लेकिन रविवार को यहां का माहौल कुछ अलग ही रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे शहर में अफ़वाहों का बाजार गर्म कर दिया। वीडियो में दावा किया गया कि अस्पताल की दीवारों में एक “मजार” मौजूद है। इसी अफवाह के चलते कुछ हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग गायत्री मंत्र के साथ मौके पर पहुंचे और दीवार को तोड़ने की कोशिश करने लगे।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। बाद में एसीपी कोतवाली ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो भ्रामक है और दीवारों में कोई मजार नहीं है।

दूसरी तरफ महिला चिकित्सालय की अधीक्षिका ने भी इस विषय पर आधिकारिक पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया है कि —

“जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा, वाराणसी के ओपीडी मुख्य द्वार के पास दीवार पर जो ताखेनुमा आकृति दिखाई देती है, वह वास्तव में छत के पानी की निकासी के लिए बनाया गया नाली ड्रेन है। ऐसी संरचनाएं भवन के चारों ओर और छत पर भी बनी हुई हैं। यह स्थान कभी भी मजार या धार्मिक स्थल नहीं रहा है।”

अधीक्षिका ने आगे लिखा कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों का पूर्णतः खंडन किया जाता है और जनता से अपील की है कि ऐसी अफ़वाहों पर ध्यान न दें।

पुलिस प्रशासन ने भी साफ संदेश दिया है कि अस्पताल की दीवारों के बीच मजार होने का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो कितनी जल्दी माहौल को भड़का सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाह फैलाने वाले कंटेंट को न तो साझा करें और न ही उस पर विश्वास करें।

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