माँ विंध्यवासिनी धाम में 21/22 सितम्बर की मध्यरात्रि से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र मेला की तैयारियों को लेकर प्रशासन और पंडा समाज की अहम बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
सुरक्षा के दृष्टिगत तय किया गया कि मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए केवल वही पंडा प्रवेश कर सकेंगे, जो निर्धारित ड्रेस कोड और विन्ध्य पंडा समाज व विन्ध्य विकास परिषद द्वारा जारी आईकार्ड धारक होंगे।
मेला अवधि में चरण स्पर्श पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित की जा सके।
गर्भगृह में झांकी दर्शन की व्यवस्था होगी और पंडे-पुरोहित निर्धारित स्थान पर बैठकर ही श्रद्धालुओं को दर्शन कराएंगे।
प्रशासन ने मेला क्षेत्र में पार्किंग, सड़कों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, सफाई और बैरिकेडिंग से जुड़ी सख्त गाइडलाइन जारी की। सभी पार्किंग स्थलों पर नगर पालिका द्वारा तय दरों की सूची प्रदर्शित की जाएगी। सड़कों की खुदाई का काम 14 सितम्बर तक पूरा करने और मेला क्षेत्र में केवल LED लाइट लगाने के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, साफ-सफाई, शौचालय और रैन बसेरा की व्यवस्था होगी।
भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस टीम मिलकर ऐसे लोगों को आश्रय गृह भेजेंगी।
एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल और CCTV कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, एडीएम (वि./रा.) अजय कुमार सिंह, एएसपी नितेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनीत उपाध्याय, सीओ विवेक जावला समेत पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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