वाराणसी के गंगा घाटों पर रविवार को श्रद्धालुओं ने एक दुर्लभ दृश्य देखा। चंद्रग्रहण के सूतक काल के चलते जहां काशी विश्वनाथ सहित कई प्रमुख मंदिरों के कपाट दोपहर से ही बंद कर दिए गए, वहीं विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती भी इस बार शाम की जगह दोपहर में सम्पन्न कराई गई। यह बीते 34 सालों में पांचवीं बार हुआ जब गंगा आरती दिन में हुई। मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयकारों से घाट गुंजायमान हो उठे। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण आरती स्थल भी बदला गया।
अन्नपूर्णा मंदिर, गौरीकेदारेश्वर, तिलभांडेश्वर महादेव, महामृत्युंजय, संकटमोचन, बड़ी शीतला, महालक्ष्मी, कालभैरव, देवी कूष्मांडा, तुलसी मानस, त्रिदेव और श्याम मंदिर समेत कई मंदिर दोपहर 12 बजे से बंद कर दिए गए। चंद्रग्रहण का स्पर्श काल रात 9:57 बजे से आरंभ होकर रात 1:26 बजे तक रहेगा, जबकि 11:42 बजे चंद्रमा पूर्ण ग्रहण की अवस्था में दिखाई देगा। सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू हो गया था।

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