शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शिक्षकों को ऐतिहासिक तोहफ़ा दिया। उन्होंने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस फैसले से करीब 9 लाख शिक्षक परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी या आपात स्थिति में अब शिक्षकों और उनके परिजनों को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे उन्होंने “शिक्षकों के योगदान के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक” बताया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का सम्मान किया, टैबलेट वितरित किए और स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया।
- मानदेय बढ़ाने पर भी फैसला जल्द
योगी ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय लेगी। - शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मिसाल
सीएम ने कहा कि “ऑपरेशन कायाकल्प” और “प्रोजेक्ट अलंकार” जैसे अभियानों ने प्रदेश के विद्यालयों की तस्वीर बदली है। अब तक 1.36 लाख विद्यालयों को 19 बुनियादी सुविधाएं और 2,100 विद्यालयों को नए भवन उपलब्ध कराए गए हैं। “निपुण भारत मिशन” और “बाल वाटिका” जैसी योजनाएं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ रही हैं। - नकल से पारदर्शिता की ओर बदलाव
योगी ने याद दिलाया कि 2017 से पहले यूपी बोर्ड नकल का अड्डा बन चुका था, लेकिन अब सीसीटीवी निगरानी में पारदर्शी परीक्षाएं कराई जाती हैं और समय पर परिणाम आते हैं। - शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की नींव मजबूत करने वाले निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि यूपी अब नकारात्मकता में जीने वाला प्रदेश नहीं है और शिक्षक समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा भी मौजूद रहे।

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