निपुण भारत के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाता पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

वाराणसी।
डायट सारनाथ में बुधवार को एआरपी का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण 10 जुलाई से 16 जुलाई तक सम्पन्न हुआ। बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान तथा एनसीइआरटी पाठयपुस्तकों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रशिक्षण का शुभारंभ एवं समापन डायट के प्राचार्य उमेश शुक्ला द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान (FLN) तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की नवीन प्राथमिक कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों — वीणा-1 (हिंदी), गणित मेला (गणित), और संतूर (अंग्रेज़ी) के परिवर्तनों से परिचित कराना था।
जिसमे प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व निपुण भारत मिशन की भूमिका पर चर्चा हुई। संशोधित निपुण लक्ष्यों पर चर्चा हुई। दूसरे दिन भाषा शिक्षण (वीणा 1)आधारित शिक्षण रणनीतियों पर चर्चा की गई। तीसरे दिन अकादमिक योजना और निपुण भारत के संशोधित लक्ष्यों और चौथे दिन क्लास चौथी व पांचवीं के बच्चों के लिए शिक्षण रणनीति पर चर्चा हुई। पांचवें दिन इंग्लिश की पाठ्य पुस्तक संतूर के इंडियन नॉलेज सिस्टम, इंटरडिसिप्लिनरी एप्रोच, डिफरेंट थीम्स उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा हुई। समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण में एसआरजी अखिलेश्वर कुमार गुप्ता, कुंवर भगत सिंह, राजीव सिंह, डायट प्रवक्ता राजकुमार सिंह एवं अनुराग सिंह, तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एल.एल. ए.) के जिला एवं ब्लॉक स्तर के सदस्य रहे।
इस प्रशिक्षण में जिला वाराणसी के 9 ब्लॉकों — चिरईगांव, चोलापुर, बड़गांव, काशी विद्यापीठ, नगर क्षेत्र, सेवापुरी, हरहुआ, अराजीलाइंस एवं पिंडरा के कुल 5-5 एआरपी संदर्भदाताओं ने भाग लिया।

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