हेट स्पीच मामले में दोषी ठहराए गए मऊ सदर सीट से पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को न्यायिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। शनिवार शाम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर/एमपी-एमएलए कोर्ट) राजीव कुमार वत्स ने अब्बास अंसारी द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिससे उनकी दो साल की सजा अब भी बरकरार रहेगी।
क्या है मामला?
यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) से जुड़ा है, जिसमें अब्बास अंसारी को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका था। उन्होंने सजा के खिलाफ अदालत में अपील की थी, लेकिन 5 बजे हुई सुनवाई में कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया।
सजा रहेगी प्रभावी
कोर्ट के आदेश के बाद अब्बास अंसारी की दो साल की जेल सजा में कोई राहत नहीं मिलेगी। इस फैसले से न केवल उनकी राजनीतिक छवि को झटका लगा है, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
कोर्ट के इस निर्णय के बाद मऊ सहित पूर्वांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला सख्त चुनाव आचार संहिता और भाषणों की सीमाओं को लेकर एक कड़ा संदेश देता है।
“न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों और कानून के अनुसार निर्णय लिया गया है। संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं।” – वरिष्ठ अधिवक्ता

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