कांग्रेस, बीजेपी व अन्य किसी भी पार्टी को उनके राजनैतिक स्वार्थ में, ख़ासकर आरक्षण को लेकर अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देेंगे तथा जरूरत पड़ने पर इसके विरुद्ध बी.एस.पी. संघर्ष के लिए भी तैयार है।
साथ ही, यू.पी. में बीजेपी सरकार का 8 वर्षों का शासनकाल, जनता की उम्मीद के हिसाब से पूरे तौर से खरा नहीं उतरा है। कानून-व्यवस्था के मामले में तो स्थिति काफी ज्यादा ख़राब रही है, जिससे जनता काफी दुःखी है। इस ओर सरकार जरूर ध्यान दे।
मनुस्मृति का बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को पूरा ज्ञान था। उनकी अनुयायी व बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इसका पूरा ज्ञान है। तभी इस व्यवस्था के विरुद्ध आवाज़ उठाकर यहाँ दुःखी व पीड़ितों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बीएसपी की स्थापना की गई है, यह भी सर्वविदित है।

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