पिंडरा।काशी द्वार के विरोध में 28 दिनों से धरने पर बैठे किसानो की डीएम के साथ बुधवार को हुई बैठक आधे घण्टे बाद भी बेनतीजा साबित हुई। किसान एक सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े रहे और किसान ने धरने पर जमे रहे।
बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे डीएम एस राजलिंगम ने धरने पर बैठे किसानों को एसडीएम कक्ष में वार्ता के लिए बुलाया। आधे घंटे से अधिक समय तक चले बैठक बेनतीजा साबित हुई। डीएम के तमाम तर्क और कानून किसानों के लिए बेअसर साबित हुए। किसान किसी भी कीमत पर बहुफसली खेती की जमीन को देने को तैयार नही हुये। इसे जनपद सीमा यानी जौनपुर में या फिर गजोखर गांव में बनाने का सुझाव दिया। किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष फतेहनारायन सिंह ने कहाकि यह सब्जी उत्पादक क्षेत्र है यहाँ तीन तीन मण्डिया चलती है। छोटे काश्तकार है।
डीएम ने किसानों को समझाने का बहुत प्रयास किया लेकिन बिना रद्द करने के आदेश से कुछ भी मानने को तैयार नही हुए। जिसके कारण बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई।
इस दौरान प्रशासन की तरफ से एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, तहसीलदार विकास पांडेय, नायब तहसीलदार राधेश्याम, विजय श्रीवास्तव, प्राची केसरवानी, श्वेता पटेल बैठक में रही।
वही किसानों के तरफ से मोर्चा के अध्यक्ष फतेहनारायन सिंह, नंदा राम शास्त्री, रामजी सिंह, सभाजीत, मेवालाल, बसपा के कैलाश नाथ पाल छोटेलाल पटेल, श्यामलाल, जवाहिर दुबे, संतोष पटेल, आनंद पटेल समेत अनेक किसान रहे।

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