बड़ागांव (वाराणसी)। थाना क्षेत्र के सेहमलपुर स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच पीड़ित की तहरीर के आधार पर की जा रही है।
पुलिस के अनुसार 7 मार्च 2026 को पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली कि सेहमलपुर स्थित मंजू क्लिनिक में कुछ लोग विवाद कर रहे हैं। सूचना पर हरहुआ चौकी प्रभारी विवेकानंद द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
जांच के दौरान सामने आया कि नंदलाल पटेल और उनके परिजनों ने क्लिनिक में उनकी पत्नी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी बीच कुछ लोग डॉक्टर के चैंबर में घुसकर शोर-शराबा करने लगे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद कुछ लोगों द्वारा इलाज का खर्च वापस दिलाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। साथ ही पैसा वापस न मिलने पर धरना देने की चेतावनी भी दी गई।
पुलिस के अनुसार मौके पर कुछ बाहरी लोग भी एकत्र होकर विवाद को बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें समझाकर शांत कराया गया। इसके बाद संबंधित पक्ष को मामले में लिखित तहरीर देने की सलाह दी गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी द्वारा लोगों से पुलिस पर पैसे वापस कराने के लिए दबाव न बनाने की बात कही जा रही है।
नंदलाल पटेल की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी वाराणसी को भेजी जाएगी और प्राप्त तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर चौकी प्रभारी हरहुआ द्वारा पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लगाए जा रहे आरोप असत्य और निराधार हैं। मौके पर पुलिस द्वारा केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी।

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