एल टी कॉलेज में शिक्षक समन्वय समिति की बैठक

न्यायपूर्ण कार्रवाई न होने पर शिक्षक कार्य बहिष्कार को होंगे बाध्य

वाराणसी। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के साथ बढ़ती अभद्रता, मारपीट और प्रशासनिक दबाव के विरोध में रविवार को एल टी कॉलेज स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शिक्षक समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता (जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ) ने की।

बैठक में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय परिसरों में अराजक तत्वों द्वारा आए दिन घुसकर मारपीट, शिक्षकों को बंधक बनाना, बच्चों में भय का वातावरण बनाना, धारदार हथियारों से धमकाना तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन परिस्थितियों के चलते कार्यस्थल पर तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया है।

शिक्षकों ने यह भी कहा कि अत्यधिक दबाव और तनाव के कारण प्रधानाध्यापक सुशील कुमार गिरी एवं राम औतार का हृदयाघात से असामयिक निधन हो गया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय पिसौर की घटना में कथित आरोप लगाकर प्रधानाध्यापक को संगीन धाराओं में जेल भेजे जाने से शिक्षकों में भय और आक्रोश व्याप्त है।

संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन

बैठक में सर्वसम्मति से “संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा” का गठन किया गया और उक्त बैनर तले निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया गया। निर्णय लिया गया कि सोमवार को मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी वाराणसी से मिलकर निम्न मांगें रखेगा—

  • विद्यालयों में स्थायी सफाईकर्मी की नियुक्ति
  • बिना प्रशासनिक अनुमति के मीडिया कर्मियों, ग्रामीणों एवं अराजक तत्वों के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक
  • विद्यालयों में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे की स्थापना
  • पिसौर प्रकरण में एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच
  • उपलब्ध वीडियो एवं मीडिया बाइट के आधार पर उपद्रवियों पर धारा 307 सहित अन्य संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज

चेतावनी

शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त मोर्चा जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देगा। साथ ही बोर्ड परीक्षा, एसआईआर सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। मांगें न माने जाने की स्थिति में शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर विद्यालयों में पूर्ण तालाबंदी करने को बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

बैठक का संचालन अजीत सिंह टीका ने किया। इस दौरान राकेश चंद्र पाठक, शैलेन्द्र विक्रम सिंह, उमाकांत शर्मा मुन्ना, राजेश्वर सिंह, सुरेश यादव, प्रमोद सिंह फौजी, रमेश सिंह फौजी, राजीव पाण्डेय, शिवाजी सिंह, रणन्जय सिंह, आशुतोष पाण्डेय, संजय द्विवेदी, जीतेन्द्र सिंह, विनोद राम, मनोज कुमार सिंह, सुरेश सिंह, गौरव सिंह, राजन सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

अंत में दिवंगत दोनों शिक्षकों के निधन पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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