फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे एससी-एसटी मुकदमा व सरकारी नौकरी का लाभ लेने का आरोप

पिंडरा। फूलपुर थाना क्षेत्र के हिबरनपुर (रामपुर) निवासी जयप्रकाश शर्मा ने कुछ लोगों पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जनजाति (एसटी) का लाभ लेने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, भड़भूजा जाति से संबंधित एक परिवार ने कथित रूप से भूमिहार समाज के लगभग 10 युवकों के विरुद्ध एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि संबंधित परिवार के कुछ सदस्यों ने फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं एवं नौकरियों का लाभ भी प्राप्त किया।

जयप्रकाश शर्मा ने जन सूचना अधिकार के तहत देवमूर्ति शर्मा इंटर कॉलेज, दबेथुआ से प्राप्त अभिलेखों का हवाला देते हुए बताया कि संबंधित व्यक्तियों का नाम विद्यालय के रिकॉर्ड में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कॉलम में दर्ज है। इसी आधार पर उन्होंने उप जिलाधिकारी पिंडरा तथा जिलाधिकारी वाराणसी को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की थी।

बताया गया कि 9 जून 2025 एवं 5 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक में मामले की जांच की गई। जांच के उपरांत संबंधित व्यक्तियों द्वारा पिंडरा तहसील से प्राप्त अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि निरस्त प्रमाण पत्रों के आधार पर परिवार के कई लोग सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की मांग की है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी (सदस्य/सचिव), जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) तथा जिलाधिकारी (अध्यक्ष) सहित संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रति प्रेषित की गई है। साथ ही आयुक्त वाराणसी, उप जिलाधिकारी पिंडरा व तहसीलदार पिंडरा को भी अवगत कराया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

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