वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रोजन और SMS फॉरवर्डर आधारित APK फाइल के जरिए 42,50,000 रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह के सरगना समेत पांच शातिर अपराधियों को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम वाराणसी में दर्ज मुकदमा संख्या 0046/2025 (धारा 318(4) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट सहित अन्य धाराएं) के तहत की गई।
मामला तब प्रकाश में आया जब तिवारीपुर (थाना चांबेपुर) निवासी मदन मोहन मिश्रा ने 8 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई कि उनके बैंक खाते से अवैध रूप से 42.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर जांच करते हुए धनबाद में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार गिरोह पहले पीड़ित को ट्रोजन और SMS फॉरवर्डर युक्त APK फाइल भेजता था। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता, अपराधियों को मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल जाता था। इसके माध्यम से वे:
- इंटरनेट बैंकिंग यूजर आईडी और पासवर्ड
- ओटीपी
- बैंक खाते का पूर्ण नियंत्रण
हासिल कर लेते थे। इसके बाद रकम को ‘म्यूल’ बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी कर ली जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी ग्राम प्रधान के लेटरपैड, मोहर और ब्लैंक आधार अपडेट फॉर्म का इस्तेमाल कर आधार विवरण में बदलाव करते थे। बदले हुए आधार के आधार पर नए बैंक खाते खुलवाए जाते और उन्हें साइबर अपराध में प्रयोग किया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्त
- शमीम अंसारी (32 वर्ष) – धनबाद
- फकरूद्दीन उर्फ निरंजन (50 वर्ष) – धनबाद
- नसीम अंसारी (31 वर्ष) – धनबाद
- शाहबुद्दीन अंसारी (34 वर्ष) – धनबाद
- साहब लाल मरांडी (48 वर्ष) – धनबाद
पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बरामदगी
- 04 एंड्रायड मोबाइल
- 01 सिम कार्ड
- 02 नोटिस 41A सीआरपीसी (दिल्ली पुलिस)
- 01 फर्जी मोहर (मुखिया) व पैड
- 05 ब्लैंक आधार अपडेट फॉर्म
- 01 बिना नंबर की ब्रेजा कार
- 66,000 रुपये नकद
कार्रवाई करने वाली टीम
निरीक्षक उदयबीर सिंह के नेतृत्व में संजीव कनौजिया, गौरव तोमर, गोपाल चौहान, पृथ्वीराज सिंह, सूर्यभान सिंह, दिलीप कुमार, देवेंद्र यादव एवं चालक विजय कुमार की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) ने बताया कि साइबर अपराध के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

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