लखनऊ।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए 2,058 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बजट का मुख्य फोकस शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार छात्रवृत्ति योजनाएं, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम तथा बुनकरों के लिए विद्युत रियायत इस बजट के प्रमुख आधार स्तंभ होंगे।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को गति
अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम 21 जनपदों में संचालित है। इस मद में 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
इस राशि से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे पिछड़े क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी।
छात्रवृत्ति योजनाओं पर 391 करोड़
पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
बुनकरों के लिए राहत पैकेज
परंपरागत बुनकर समुदाय को सशक्त बनाने के लिए विद्युत बिल की फ्लैट रेट योजना के तहत 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे उत्पादन लागत कम होगी और आय में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मंत्री का बयान
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह बजट सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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