पिंडरा। फूलपुर थाना क्षेत्र के बरही कला गांव में बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान के तहत रैली निकाली गई। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण समाज को बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।
यह कार्यक्रम मानवाधिकार जन निगरानी समिति, जनमित्र न्यास, शिव नादर फाउंडेशन एवं चाइल्ड राइट्स एण्ड यू (CRY) के तत्वावधान में, मंगला प्रसाद राजभर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह पर बैठक, घर-घर संपर्क अभियान, आपसी संवाद तथा पूरे गांव व गलियों में जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली में ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों, युवाओं एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान बाल विवाह से होने वाले शैक्षिक, सामाजिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
रैली के दौरान गांव बाल विवाह विरोधी नारों से गूंज उठा—
“पढ़ने और खेलने की उम्र है, बाल विवाह जुर्म है”,
“पहले पढ़ाई, फिर विदाई”,
“ज्ञान का दीप जलाना है, बाल विवाह को मिटाना है”,
“कम उम्र में शादी, जीवन की है बर्बादी” जैसे नारों ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ ली और संकल्प जताया कि वे अपने परिवार, पड़ोस और गांव में किसी भी बालक या बालिका का बाल विवाह नहीं होने देंगे।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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