वाराणसी। फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध मौत के बाद प्रदेशभर के राजस्व कर्मियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में वाराणसी में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की अगुवाई में सदर तहसील परिसर में लेखपालों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाते हुए लेखपाल सुबह 10 बजे से धरने पर बैठ गए, जो शाम 5 बजे तक जारी रहेगा।
धरने में शामिल लेखपालों ने कहा कि फतेहपुर प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो रही है तथा पूरे मामले में लीपा-पोती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि घटना की स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि ठोस कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हजारों प्रमाणपत्र लंबित, छात्रों पर बन आया संकट
धरने के दौरान लेखपालों ने बताया कि वाराणसी में SIR फॉर्म भरवाने में बीएलओ ड्यूटी लगाए जाने के चलते राजस्व कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। जिले में हजारों जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन आवेदन लंबित पड़े हैं। इसका सीधा असर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर रहे छात्रों पर पड़ रहा है।
छात्र-छात्राओं को जन-सेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और प्रमाणपत्र समय से न बन पाने के कारण उनकी छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया अटक गई है। जैसे-जैसे अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, अभ्यर्थियों की चिंता और बढ़ती जा रही है। लेखपालों ने चेताया कि यदि प्रशासन शीघ्र समाधान नहीं करता, तो जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित होते रहेंगे।
धरना प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।

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